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पढ़ाई के साथ काम करने का हुनर अच्छी नौकरी की दावेदारी भी पक्की करता है। इसलिए आजकल वोकेशनल शिक्षा पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है, ताकि विद्यार्थियों को इंडस्ट्री के हिसाब से ट्रेन किया जा सके। बैचलर ऑफ वोकेशन (B.Voc) जैसे कई प्रोग्राम्स इसी तरह की शिक्षा पद्धति पर आधारित हैं जहां विद्यार्थियों को स्किल के क्षेत्र में पारंगत किया जाता है। 

स्किल्ड मैनपावर की कमी

स्किल्ड मैनपावर की बढ़ती हुई कमी के कारण कई कंपनियां अपनी नौकरियों के लिए उचित उम्मीदवार की कमी का सामना कर रहीं हैं। जिस वजह से बेरोजगारी का स्तर बढ़ता जा रहा है जिससे कंपनियों में स्किल्ड मैनपावर के स्तर में भी गिरावट हो रही है। वर्ष 2018 में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बेरोजगारी की समस्या बढ़ती जा रही है। इसका कारण, शैक्षणिक संस्थानों में ज्ञान की वो पद्धति है जिसमें लगभग 90% केवल किताबी ज्ञान होता है, इसके विपरीत आजकल 90 % नौकरियों के लिए कौशल की अधिक आवश्यकता है। भारत के 58 प्रतिशत युवा किसी न किसी रूप से, काम में स्किल की कमी से जूझ रहे हैं। जिन युवाओं को रोजगार मिल भी जाता है, वो भी स्किल्स की कमी होने के कारण स्टैंडर्ड सैलरी से भी कम सैलरी पर नियुक्त किए जाते हैं। इसी कमी को देखते और समझते हुए आजकल कई शिक्षा संस्थान और यूनिवर्सिटीज़ वोकेशनल कोर्स को बढ़ावा दे रहीं हैं ताकि इस स्किल्ड मैनपवार के अंतर को भरा जा सके। भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी उन चुनिंदा शिक्षण संस्थानों में से एक है जो पूरी तरह से स्किल पर आधारित है, ये सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बैचलर ऑफ वोकेशन (B.Voc) व मास्टर ऑफ वोकेशनल (M.Voc) जैसे कोर्स विद्यार्थियों को उपलब्ध कराती है जिसमें 70% स्किल आधारित और 30% क्लास रूम टीचिंग द्वारा ज्ञान दिया जाता है।

स्किल्ड युवाओं की जरूरत

भारत में सभी तरह की कंपनियों को स्किल्ड मैनपावर की कमी से जूझना पड़ रहा है, खासकर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में ये समस्या आम है। एक रिपोर्ट में ये ज्ञात हुआ है कि 30 लाख ग्रेजुएट हर साल नौकरी के लिए भारतीय बाज़ार में अपनी किस्मत आजमाते हैं जिसमें से केवल 5 लाख युवाओं को ही नौकरी के योग्य माना जाता है। स्किल्ड युवाओं की इसी कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने भी स्किल इंडिया जैसे प्रोग्राम चलाए गए हैं जिनका उद्देश्य 2020 तक 500 मिलियन से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें अधिक रोजगारपरक बनाना है। सरकार की पहल के अलावा, जयपुर की भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (BSDU) जैसी कुछ विशेष रोजगार मुखी यूनिवर्सिटी भारत में विद्यमान हैं जो स्किल्ड कोर्स को बढ़ावा दे रहीं हैं ताकि नौकरियों के नए अवसरों में बढ़ोत्तरी की जा सके। क्योंकि वोकेशनल कोर्स छात्रों को हमेशा स्पष्ट दृष्टिकोण देता है जिससे वे अपनी स्किल और पसंद के अनुसार नौकरी चुन सकें।

BSDU कैसे पूरा कर रही है स्किल्स की कमी को?

इस आधुनिक समय की जरूरत स्किल्ड युवा हैं, जिसके लिए स्किल प्रोग्राम्स को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। मौजूदा पाठ्यक्रम यानी साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम के चले आ रहे चलन की वजह से छात्रों को नौकरी में लिमिटेड ऑप्शन ही मिल पाते हैं जिससे कई बार उनमें छिपे हुए अन्य हुनर को पहचान नहीं मिल पाती। ऐसे में सभी शिक्षण संस्थानों को एडवांस स्किल के तरीकों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है जैसा BSDU अपने विद्यार्थियों को देता है। यहाँ पर छात्रों में छिपे हुनर को तराशने का काम किया जाता है ताकि वो अपनी पसंद के काम को अपना करियर बना सकें। यहाँ पर दिए जाने वाले सभी कोर्सेज़ को इंडस्ट्री के ट्रेंड और बेहतर वर्क प्रोफाइल के हिसाब से डिज़ाइन किया जाता है। इसकी मदद से यहाँ के सभी छात्र बिना किसी परेशानी के इंडस्ट्री के ट्रेंड और संस्कृति के हिसाब से काम कर पाते हैं। इसी तरह की शिक्षा पद्धति की जरूरत आजकल सभी युवाओं को है जिससे वो नौकरी के पक्के उम्मीदवार बन सकें।

छात्रों को बेहतर सुविधा देता है BSDU

BSDU में मेधावी छात्रों को कई प्रकार की स्कॉलरशिप भी ऑफर करती है। जिसमें 80 % से ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को तथा 75% अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं की 100% ट्यूशन फीस माफ की जाती है। वहीं शहीद जवानों की शहादत का सम्मान करते हुए, उनके बच्चों को भी 100% ट्यूशन फीस में छूट मिलती है। यहाँ कई फ़ील्ड में B.Voc कोर्स कराए जाते हैं और हर वर्ष छात्र को 6 महीने कॉलेज और बाकी 6 महीने इंडस्ट्री में ट्रेनिंग दी जाती है। ताकि छात्र इंडस्ट्री में हो रहे नए बदलाव से परिचित हो सके और नौकरी के हर तौर तरीकों को सीख सकें। छात्रों को कोर्स करने के दौरान ही कमाने का मौका भी मिलता ताकि उनका मनोबल बढ़ सके और कुछ नया सोचने की क्षमता भी विकसित हो सके। इसके साथ ही स्विस ट्रेनर की निगरानी में हर छात्र को व्यक्तिगत रूप से ट्रेन किया जाता है जिससे वो कोर्स के बाद पूरी तरह से नौकरी के लिए एक कुशल और सही उम्मीदवार बन सके।

भारत जैसे देश बेरोज़गारी की जंग से तभी लड़ सकता है। जब हम सभी स्किल्ड मैनपावर और बेहतर नौकरी के बीच को अंतर को भरने के लिए काम करेंगे। इसलिए युवाओं और छात्रों को नए और स्किल्ड कोर्स चुनने की जरूरत है जो न केवल उन्हें शिक्षित कर सकें बल्कि नौकरी के योग्य भी बना सकें। आपके काम की असली पहचान हुनर से होती है और वो हुनर रोजगार में तब्दील हो जाए तो आप अपनी कार्य क्षमता में भी इजाफ़ा कर सकते हैं। स्किल्ड मैनपावर की जरूरत आज हर इंडस्ट्री को है इसलिए सही स्किल केन्द्रित को चुनें और काबिल बनें ताकि करियर में सफलता के आयाम को हासिल कर पाएँ। आप भी अपने भीतर छिपे हुए हुनर को देश की पहली कौशल विकास को समर्पित भारतीय स्किल डेवलपमेंट के रोज़गारमुखी कोर्सेज से जुड़ सकते हैं। साथ ही अपने सपनों को नई उड़ान देनें के लिए व भारत को कौशल विकास के जरिये एक सशक्त भारत के साथ स्किल्ड भारत बनने में अपना योगदान दें जिससे भारत देश तरक्की के मार्ग पर तेजी से बढ़ सके।

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